The Wise And The Foolish

The lofty aims we build As sprightly toddlers, Bring an encouraging smile From those who are its audience. As adulthood approaches, Our cynical eyes recollect them As knowing smirks. The realities of life Eroding away our resolve, We cut down our ambitions To egregious mediocrity. We pity those fools  Who still pursue that Everest of … Continue reading The Wise And The Foolish

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वर्षा की अपेक्षा

गर्मी से तप रहा है शरीर पसीने से अशान्त हो रहा है मन। पङ्खे से भी मानो आ रही है गरम हवा स्नान मानो स्वयं को पसीने में पुनः भिगोने के समान। तभी अचानक गरम हवा के थपेड़े समाप्त हुए और गगन ने छाई रङ्ग में स्वयं को ढाल लिया। हताश मन ने कहा, "अपेक्षाएँ … Continue reading वर्षा की अपेक्षा

डर लगता है

​गलियों को भगवा रंग के ध्वजों से सजा देख मुझे डर लगता है। गाड़ियों व मोटरसाइकिलों पर हरे झण्डों को देख मुझे डर लगता है।  कुर्ता-पैजामा पहने युवाओं को देख मुझे डर लगता है। वर्ष भर होते माता-रानी के जगराते के आयोजनकर्ताओं को देख मुझे डर लगता है। मुहल्ले में नये-नये मन्दिरों व मस्जिदों को … Continue reading डर लगता है